Our Aims & Objectives

उद्धेष्य:-

  • जैविक कृषि पद्धति का क्षेत्र में प्रचार-प्रसार करना।
  • विज्ञान, षिक्षा, साहित्य तथा ललित कलाओं के विकास के लिए।
  • सामाजिक कल्याण के लिए।
  • अन्याय एवं षोषण के विरोध में लोक चेतना जागृत करना।
  • विस्थापितों को न्यायपूर्ण अधिकार दिलवाने के लिए शांति और अहिंसा के मार्ग पर चलकर संघर्ष के लिए गतिषील करना।
  • पर्यावरण को स्वस्थ एवं प्रदूषण मुक्त करने के प्रयासों को बढ़ावा देना।
  • वनवासियों को वन तथा वनोपज के लिए उचित अधिकार दिलवाना एवं संघर्ष कर रचनात्मक कार्य करना।
  • महिलाओं को सम्मान तथा अधिकार दिलवाने के लिए महिला षिक्षा, ज्ञान-विज्ञान का प्रचार-प्रसार कर सषक्त्तिकरण करना।
  • वनवासियों की अजीविका, समृद्धि एवं सम्मान की रक्षा के लिए प्रयास करना।
  • बच्चों के सर्वांगीण विकास के अनुरूप परिवेष की रचना के प्रयास करना।
  • खेती को लाभ का धंधा स्थापित करने के लिये जैविक तरीके को अपनाना व वृक्षारोपण को बढावा देना ।

रणनीति:-

  • कार्यकर्ताओं द्वारा गांव-गांव में संगठन खडा करना
  • लोगों से चर्चा करना
  • गांव-गांव में स्वसहायता समूहों का निर्माण एवं संचालन
  • छोटे-छोटे नुक्कड सभाएं आयोजित करना
  • स्कूलों में वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन करना
  • शासकीय विभागों तक लकर चलना
  • विभागों से जानकारी लेकर योजनाओं को गांवों तक ले जाना
  • मूलभूत सुविधाओं पर बल देना जैसे पेयजल, बिजली, आवास, शिक्षा एवं छोटी-छोटी बीमारियों से बचाव
  • सामाजिक कुरीतियों को समझाने के लिये लोकगीत, नाटक प्रदर्शन आदि के माध्यमों से समझाना एक गांव से बढकर तीन – चार गांवों को मिलाकर बैठक गोष्ठी करना

समिति के दस स्तम्भ

  • हमारा आर्थिक – परावलम्बी समाज से स्वावलम्बी समाज निर्माण के सिद्धान्त पर चलते हुए प्राकृतिक संसाधन प्रबन्धन पर आधारित अहिंसक समाज रचना में लगे समुदाय का निर्माण ताकि भूखमुक्त समाज की रचना हो सके।
  • हमारी राजनीतिक – लोक आधारित लोक उम्मीदबार के सिद्धान्त पर लोकनीति के अनुसार चलने के लिए लोगों को खड़ा करना ताकि सही अर्थो में लोकतंत्र की स्थापना की जा सके।
  • हमारी षिक्षा – समग्र विकास पर आधारित ज्ञान का प्रचार प्रसार एवं स्कूली बच्चों के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ रोजगारोन्मुखी षिक्षा देना ताकि बेरोजगारी की समस्या का उन्हे सामना न करना पड़े।
  • हमारा समाज – अखण्डता,सम्प्रभुता,समभाव परस्पर भाईचाारे के साथ-साथ एकता,समानता, सामूहिकता एवं न्याय पर आधारित समाज जिसमें ऊंच-नीच, अगड़े-पिछड़े जाति आधारित भेदभाव न हो।
  • हमारी संस्कृति – स्थानीय लोक कला एवं संस्कृति के कलाकारों को संगठित कर पुनर्जीवित करना उनका संवर्धन एवं संरक्षण कर वातावरण उपलब्ध करवाना।
  • हमारी कृषि – लम्बे समय तक भूमि की उत्पादन क्षमता बनाये रखने वाली खेती को प्रोत्साहन देकर पारम्परिक ढ़ग से खेती कर रहे किसानों का उत्साह बढ़ाना ताकि वे कृषि की रीति नीति का विकास कर सके।
  • हमारा सषक्तीकरण – गरीबी झेल रहे दीन दुःखी जो अपाहिजों जैसा जीवन जीने के लिऐ विवष हैं। समाज में विद्यमान ऐसे स्त्री पुरूषों के प्रति असमानता और उपेक्षा को दूर कर समानता का दर्जा दिलवा कर शोषण, अत्याचार एवं भ्रष्टाचार से मुक्त सषक्त सामाजिक ढ़ांचे का निर्माण करना।
  • हमारा परिवेष – स्वच्छ व स्वस्थ वातावरण का निर्माण करना जहाँ हिंसा, लूटपाट, वैमनस्यता, दुराचार तथा तेरे मेरे लिए कोई स्थान न हो।
  • हमारा सहयोग एवं मित्रता – परस्पर सहयोग की भावना को पुनर्जीवित कर एक दूसरे की सहायता व मित्रता को बढ़ावा देना ताकि पूरा गांव और समाज अपनी समस्याऐं आपसी सहयोग व मित्रता के आधार पर सुलझा सकें।
  • हमारी संस्था – उपरोक्त विचारों के क्रियान्वयन के लिऐ तथा समाज कल्याण के काम का विकास करने में संस्था एक मजबूत आधार स्तम्भ है।